किडनी स्टोन बहुत तेज दर्द दे सकता है, लेकिन किडनी में पथरी मिलने का मतलब यह नहीं है कि हर मरीज को सर्जरी ही करानी पड़ेगी। अगर पथरी छोटी है, सही जगह पर है और किडनी को नुकसान नहीं पहुंचा रही, तो सबसे पहले कोशिश यही रहती है कि वह प्राकृतिक तरीके से निकल जाए।
इसके लिए कुछ आसान Kidney Stone Ke Gharelu Upay मदद कर सकते हैं।
1. पर्याप्त पानी पिएं
सबसे पहला और सबसे जरूरी उपाय है शरीर को अच्छी तरह हाइड्रेट रखना।
जब हम कम पानी पीते हैं, तो पेशाब गाढ़ा हो जाता है। इससे कैल्शियम, ऑक्सलेट, फॉस्फेट और यूरिक एसिड जैसे तत्व आपस में जुड़कर क्रिस्टल और बाद में पथरी बना सकते हैं।
लगभग 70 किलो वजन वाले व्यक्ति को मौसम, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य के अनुसार करीब 2.5–3 लीटर तरल की जरूरत हो सकती है।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप जबरदस्ती 5–6 लीटर पानी पिएं।
लक्ष्य इतना पानी पीना है कि शरीर में पानी की कमी न हो और पेशाब बहुत ज्यादा गाढ़ा न रहे।
2. साफ और अच्छी गुणवत्ता वाला पानी पिएं
सिर्फ पानी की मात्रा ही नहीं, उसकी गुणवत्ता भी मायने रखती है।
रोजाना साफ और सुरक्षित पानी पीना जरूरी है। दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें ताकि शरीर लगातार हाइड्रेटेड रहे।
बहुत ज्यादा पानी एक साथ पीने के बजाय नियमित रूप से पानी पीना बेहतर तरीका है।
3. नमक कम करें
अगर आपको पहले किडनी स्टोन हो चुका है या बार-बार पथरी बनती है, तो अपनी नमक की आदत जरूर देखें।
खाने के ऊपर अलग से नमक डालना, ज्यादा अचार खाना, नमकीन और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड फूड लेना कम करें।
बहुत ज्यादा नमक शरीर के मिनरल बैलेंस को प्रभावित कर सकता है और कुछ लोगों में पथरी बनने की संभावना बढ़ा सकता है।
यह एक ऐसी आदत है जिसे आप आज से ही बदल सकते हैं।
4. ज्यादा Red Meat और Non-Veg से बचें
नॉन-वेज खाना अपने आप में खराब नहीं है। शरीर को प्रोटीन की जरूरत होती है।
समस्या तब होती है जब इसकी मात्रा बहुत ज्यादा हो जाए, खासकर रेड मीट जैसे मटन का सेवन।
बहुत ज्यादा एनिमल प्रोटीन शरीर में यूरिक एसिड बढ़ा सकता है और जिन लोगों को बार-बार पथरी बनती है, उनमें समस्या बढ़ सकती है।
अंडा, मछली और चिकन संतुलित मात्रा में लिया जा सकता है।
यहां सबसे जरूरी शब्द है — संतुलन।
5. कैल्शियम और विटामिन D का संतुलन बनाए रखें
कई मरीज “कैल्शियम स्टोन” सुनते ही दूध और कैल्शियम वाली चीजें खाना बंद कर देते हैं।
यह हर बार सही नहीं होता।
कैल्शियम, ऑक्सलेट और विटामिन D का आपस में संबंध होता है। इसलिए बिना कारण कैल्शियम को पूरी तरह बंद करने के बजाय शरीर में इसका सही संतुलन बनाए रखना ज्यादा जरूरी है।
अगर आपको बार-बार पथरी बनती है, तो अपनी डाइट डॉक्टर की सलाह के अनुसार रखें।
इंटरनेट पर पढ़कर दूध, कैल्शियम या विटामिन D खुद से बंद करना सही तरीका नहीं है।
6. रोजाना एक्टिव रहें और वजन कंट्रोल में रखें
किडनी स्टोन से बचाव में लाइफस्टाइल भी बहुत महत्वपूर्ण है।
रोजाना एक्सरसाइज करने से वजन, ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और मेटाबॉलिज्म को बेहतर रखने में मदद मिलती है।
वॉकिंग, नियमित एक्सरसाइज और रोजाना शरीर को एक्टिव रखना फायदेमंद है।
जिन मरीजों में पथरी बहुत छोटी है और प्राकृतिक रूप से निकलने की स्थिति में है, उनमें एक्टिव रहने से उसके बाहर निकलने की प्रक्रिया को भी सपोर्ट मिल सकता है।
7. नींबू और खट्टे फल डाइट में शामिल करें
किडनी स्टोन के घरेलू उपायों में नींबू का नाम सबसे ज्यादा लिया जाता है।
इसके पीछे एक कारण है।
नींबू, संतरा, आंवला और दूसरे खट्टे फलों में साइट्रेट पाया जाता है, जो कुछ प्रकार की पथरी बनने की संभावना कम करने में मदद कर सकता है।
आप अपने रोजाना के पानी में बिना चीनी का नींबू पानी शामिल कर सकते हैं।
लेकिन एक बात जरूर याद रखें।
नींबू पानी कोई जादुई इलाज नहीं है जो हर तरह की पथरी को तुरंत घोल देगा। यह एक सहायक उपाय है, खासकर अच्छी हाइड्रेशन के साथ।
अगर घरेलू उपाय काम न करें तो क्या करें?
यहीं पर कई मरीज गलती कर देते हैं।
वे कई हफ्तों या महीनों तक अलग-अलग घरेलू उपाय करते रहते हैं, जबकि पथरी अपनी जगह से हिल ही नहीं रही होती।
अगर आपको बार-बार तेज दर्द हो रहा है, पेशाब में खून आ रहा है, किडनी में सूजन आ रही है, किडनी फंक्शन खराब हो रहा है या पथरी लंबे समय से फंसी हुई है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
सबसे जरूरी है — किडनी को बचाना।
सर्जरी से पहले दवा का विकल्प
अगर पथरी का आकार और उसकी लोकेशन ऐसी है कि वह प्राकृतिक रूप से निकल सकती है, तो सर्जरी से पहले दवाओं का सहारा लिया जा सकता है।
मरीज की स्थिति के अनुसार दर्द कम करने और छोटी पथरी को बाहर निकलने में मदद करने वाली दवाएं दी जा सकती हैं।
Uristream Sachet
कुछ चुनिंदा मरीजों में Uristream Sachet को भी urinary और kidney stone management के supportive treatment के रूप में दिया जा सकता है।
इसे डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए, क्योंकि इलाज का फैसला सिर्फ पथरी होने से नहीं बल्कि उसकी size, location और kidney पर उसके असर को देखकर किया जाता है।
अगर पथरी urinary flow को block कर रही है या kidney को नुकसान पहुंचा रही है, तो केवल दवा लेकर treatment delay नहीं करना चाहिए।

सर्जरी कब जरूरी होती है?
अगर पथरी observation और medicines के बाद भी नहीं निकलती, बार-बार दर्द करती है, पेशाब का रास्ता block करती है या kidney को नुकसान पहुंचाने लगती है, तो उसे निकालना जरूरी हो सकता है।
अच्छी बात यह है कि आज ज्यादातर kidney stone treatments minimally invasive हैं।
ESWL
ESWL या Lithotripsy में शरीर के बाहर से shock waves देकर suitable stone को छोटे टुकड़ों में तोड़ा जाता है।
RIRS
RIRS यानी Retrograde Intrarenal Surgery में एक पतली flexible दूरबीन पेशाब के प्राकृतिक रास्ते से kidney तक पहुंचाई जाती है।
इसके बाद surgeon stone को ढूंढकर छोटे टुकड़ों में तोड़ सकता है।
इसमें traditional open surgery जैसा बड़ा चीरा लगाने की जरूरत नहीं होती।
आखिर में
अगर आपको kidney stone है, तो घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन केवल घरेलू नुस्खों पर आंख बंद करके भरोसा करना भी सही नहीं है।
शुरुआत बेसिक चीजों से करें:
पर्याप्त साफ पानी पिएं, नमक कम करें, बहुत ज्यादा रेड मीट से बचें, कैल्शियम का संतुलन बनाए रखें, एक्टिव रहें और नींबू जैसे खट्टे फलों को डाइट में शामिल करें।
अगर पथरी नहीं निकल रही है, तो डॉक्टर की सलाह से medicines और Uristream Sachet जैसे supportive options का उपयोग किया जा सकता है।
और अगर पथरी फंसी हुई है या kidney को नुकसान पहुंचा रही है, तो ESWL या RIRS जैसे modern treatments की जरूरत पड़ सकती है।
पथरी का इलाज करना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है — अपनी किडनी को बचाना।