पुरुषों की फर्टिलिटी के लिए सिर्फ स्पर्म काउंट अच्छा होना ही जरूरी नहीं है, बल्कि स्पर्म मोटिलिटी और स्पर्म क्वालिटी भी अच्छी होनी चाहिए। लेकिन जब स्पर्म काउंट कम होता है, तो ज्यादातर पुरुष दवाइयों और सप्लीमेंट्स के बारे में सोचने लगते हैं।
क्या आप जानते हैं कि आपकी रसोई में मौजूद कुछ चीजें भी स्पर्म हेल्थ को सपोर्ट कर सकती हैं?
मैं डॉ. विजयंत गोविंदा गुप्ता, यूरोलॉजिस्ट और एंड्रोलॉजिस्ट, नई दिल्ली। मेरे पास ऐसे कई मरीज आते हैं जो लो स्पर्म काउंट, खराब स्पर्म मोटिलिटी, ओलिगोस्पर्मिया और वैरिकोसील जैसी समस्याओं से परेशान होते हैं।
मैं अपने मरीजों को इलाज के साथ डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करने की भी सलाह देता हूं।
आज हम चीन, जापान, इटली और भारत की डाइट से प्रेरित 6 ऐसे फूड्स के बारे में जानेंगे, जिन्हें आप अपनी रोजाना की डाइट में शामिल कर सकते हैं।
1. आंवला – चीन की गोजी बेरी का भारतीय विकल्प
चीन में गोजी बेरी (Goji Berry) को Go Qi Zi कहा जाता है। इसका इस्तेमाल पारंपरिक रूप से रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए किया जाता रहा है।
लेकिन भारत में हमारे पास इसका एक अच्छा विकल्प है, आंवला (Amla)।
आंवले में विटामिन C, पॉलीफेनॉल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं।
प्रदूषण, ज्यादा गर्मी और लंबे समय तक बैठे रहने जैसी समस्याएं ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा सकती हैं, जिससे स्पर्म के DNA को नुकसान पहुंच सकता है।
रोजाना की डाइट में आंवला शामिल करना स्पर्म हेल्थ को सपोर्ट करने का एक आसान तरीका हो सकता है।
2. काले तिल – जापान का Kurogoma
जापान में काले तिल को Kurogoma कहा जाता है। जापानी लोग इसे अपने खाने में अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल करते हैं।
काले तिल में जिंक, हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड्स पाए जाते हैं।
वीडियो में बताई गई एक छोटी ह्यूमन स्टडी में तिल के सेवन से स्पर्म काउंट और स्पर्म मोटिलिटी में सुधार देखा गया था।
कैसे खाएं?
रोजाना लगभग एक चम्मच पिसे हुए काले तिल को दही, दूध, स्मूदी या अपने खाने में मिलाकर ले सकते हैं।
3. टमाटर – इटली का लाइकोपीन से भरपूर फूड
इटली की Mediterranean Diet में टमाटर एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
लाल टमाटर में लाइकोपीन (Lycopene) पाया जाता है, जो एक एंटीऑक्सीडेंट है।
लाइकोपीन पर स्पर्म हेल्थ को लेकर रिसर्च की गई है। यह स्पर्म के अलग-अलग पैरामीटर्स को सपोर्ट करने में उपयोगी हो सकता है।
टमाटर आसानी से उपलब्ध है और इसे रोजाना की डाइट में शामिल किया जा सकता है।
मैं अपने मरीजों को कच्चे टमाटर खाने की सलाह देता हूं।
4. एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल – स्पर्म मोटिलिटी के लिए हेल्दी फैट्स
इटली की Mediterranean Diet में Extra Virgin Olive Oil का भी खास स्थान है।
ऑलिव ऑयल में हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं, जो शरीर के रिप्रोडक्टिव फंक्शन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
वीडियो में मैंने बताया है कि हेल्दी फैट्स टेस्टोस्टेरोन प्रोडक्शन, स्पर्म की संरचना और स्पर्म मोटिलिटी से जुड़े कार्यों में भूमिका निभाते हैं।
आप अपनी डाइट में कच्चे टमाटर के साथ एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल शामिल कर सकते हैं।
5. कच्ची हल्दी – भारत का पारंपरिक सुपरफूड
हल्दी का इस्तेमाल भारतीय रसोई में हजारों वर्षों से होता आ रहा है। लेकिन यहां मैं सामान्य हल्दी पाउडर नहीं, बल्कि कच्ची हल्दी (Raw Turmeric) की बात कर रहा हूं।
कच्ची हल्दी में करक्यूमिन (Curcumin) पाया जाता है।
करक्यूमिन में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर की ओवरऑल हेल्थ को सपोर्ट करते हैं।
कच्ची हल्दी को अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
6. अंडे – स्पर्म हेल्थ के लिए प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्व
अंडे प्रोटीन, फैट्स, विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर होते हैं।
अंडे का सफेद और पीला हिस्सा, दोनों ही शरीर को महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
मैं अपने कई फर्टिलिटी मरीजों को रोजाना दो उबले अंडे डाइट में शामिल करने की सलाह देता हूं।
आप अपनी पसंद के अनुसार ऑमलेट भी खा सकते हैं।
अंडे शरीर को पोषण प्रदान करते हैं, हालांकि केवल अंडे खाने से स्पर्म काउंट बढ़ने की गारंटी नहीं होती।
SpermMaxx – स्पर्म काउंट और मेल फर्टिलिटी सपोर्ट के लिए सप्लीमेंट
अच्छी डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ हमारे वीडियो में SpermMaxx Male Fertility Supplement के बारे में भी बताया गया है।
हमारी असिस्टेंट नूपुर ने SpermMaxx के कुछ प्रमुख फायदों के बारे में जानकारी दी।
SpermMaxx के प्रमुख उद्देश्य:
- स्पर्म प्रोडक्शन: हेल्दी स्पर्म बनने की प्रक्रिया को सपोर्ट करना।
- स्पर्म क्वालिटी: स्पर्म की क्वालिटी और ओवरऑल स्पर्म हेल्थ को सपोर्ट करना।
- स्पर्म मोटिलिटी: स्पर्म की मूवमेंट को सपोर्ट करने के उद्देश्य से इस्तेमाल किया जाने वाला सप्लीमेंट।
- मेल फर्टिलिटी: सही डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ पुरुषों की रिप्रोडक्टिव हेल्थ को सपोर्ट करना।
SpermMaxx एक सपोर्टिव सप्लीमेंट है। इसे लो स्पर्म काउंट या मेल इनफर्टिलिटी के निश्चित इलाज के रूप में नहीं देखना चाहिए।

अपना स्पर्म काउंट कैसे चेक करें? जानिए CASA स्पर्म एनालिसिस
अगर आपका स्पर्म काउंट कम है या स्पर्म मोटिलिटी खराब है, तो सही जांच करवाना जरूरी है।
हमारे नई दिल्ली स्थित क्लिनिक में CASA (Computer-Assisted Semen Analysis) मशीन से स्पर्म की जांच की जाती है।
इस टेस्ट की मदद से हम स्पर्म काउंट, स्पर्म मोटिलिटी, स्पर्म मॉर्फोलॉजी और स्पर्म की मूवमेंट को चेक करते हैं।
जांच के दौरान सैंपल का लिक्विफिकेशन, pH और अन्य पैरामीटर्स भी देखे जाते हैं।
हमारे क्लिनिक में मरीजों को वीडियो और फोटो के साथ स्पर्म एनालिसिस रिपोर्ट भी प्रदान की जाती है।
स्पर्म टेस्ट से पहले लगभग तीन दिन तक स्खलन से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
स्पर्म हेल्थ बेहतर रखने के लिए जरूरी लाइफस्टाइल टिप्स
सिर्फ डाइट ही नहीं, आपकी लाइफस्टाइल भी स्पर्म हेल्थ के लिए महत्वपूर्ण है।
धूम्रपान और शराब से बचें। अंडकोष के आसपास ज्यादा गर्मी न होने दें और लंबे समय तक लैपटॉप की गर्मी के संपर्क में रहने से बचें।
अगर आपको ओलिगोस्पर्मिया, वैरिकोसील, खराब स्पर्म मोटिलिटी या जीरो स्पर्म काउंट की समस्या है, तो उचित जांच और इलाज करवाना जरूरी है।
निष्कर्ष
स्पर्म हेल्थ को सपोर्ट करने के लिए हमेशा महंगे फूड्स की जरूरत नहीं होती।
आंवला, काले तिल, टमाटर, एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल, कच्ची हल्दी और अंडे जैसे फूड्स को आप अपनी रोजाना की डाइट में शामिल कर सकते हैं।
इसके साथ हेल्दी लाइफस्टाइल, सही जांच और जरूरत के अनुसार इलाज भी महत्वपूर्ण है।
अगर आप लो स्पर्म काउंट, खराब स्पर्म मोटिलिटी या मेल इनफर्टिलिटी से परेशान हैं, तो सही जांच के लिए हमारे क्लिनिक में संपर्क कर सकते हैं।